Officials blamed for not calling in BCCI elections accuses COA of arbitrariness in elections

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Publish Date:Wed, 09 Oct 2019 10:02 PM (IST)

अभिषेक त्रिपाठी, नई दिल्ली। BCCI elections: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के 23 अक्टूबर को मुंबई में होने वाले चुनाव में वर्तमान कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना, कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी को नहीं बुलाया गया और इसको लेकर यह तीनों ही पदाधिकारी गुस्से में हैं।

इनमें से एक पदाधिकारी ने कहा कि जिस सुप्रीम कोर्ट ने विनोद राय की अध्यक्षता वाली प्रशासकों की समिति (सीओए) को चुना था, उसी ने हम तीनों को भी बीसीसीआइ की जिम्मेदारी थी। इसके बावजूद सीओए का तीनों पदाधिकारियों को 23 अक्टूबर होने वाली वार्षिक आम सभा (एजीएम) में नहीं बुलाना सोची-समझी राजनीति है। खास बात यह है कि सीके खन्ना, अमिताभ और अनिरुद्ध पिछले बीसीसीआइ चुनाव में जीतकर क्रमश: उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष बने थे।

लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर फैसला देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठतम उपाध्यक्ष होने के कारण खन्ना को कार्यवाहक अध्यक्ष और अमिताभ को सचिव का कार्यभार सौंपा था। पदाधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमें जिम्मेदारी दी थी और सीओए उसी का उल्लंघन कर रहा है। हम इसके बारे में सीओए, चुनाव अधिकारी और न्यायमित्र से शिकायत करने की सोच रहे हैं। अभी तक जितने भी चुनाव हुए हैं उसमें बीसीसीआइ अध्यक्ष ही एजीएम की अध्यक्षता करता रहा है जबकि सचिव संयोजन करता है। यही नहीं इस बैठक में कोषाध्यक्ष की जरूरत रहती है क्योंकि वही बही-खाते क्लीयर करता है। सीओए ने इस बैठक से पहले हम तीनों पदाधिकारियों से बीसीसीआइ के बहीखातों पर हस्ताक्षर कराए और हमें ही बैठक में नहीं बुलाया। ऐसा गलत काम बीसीसीआइ के इतिहास में इससे पहले कभी नहीं हुआ।

वहीं दूसरी तरफ सीओए ने तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए), हरियाणा क्रिकेट संघ (एचसीए) और महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) को लोढ़ा समिति के अनुसार संविधान नहीं अपनाने के कारण आगामी बीसीसीआइ में चुनाव में भाग लेने से इन्कार कर दिया है। अब ये तीनों राज्य संघ चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेंगे और वोट नहीं डाल पाएंगे। सूत्र ने कहा, ‘सीओए ने तीन प्रदेश इकाइयों को बता दिया है कि वे चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे क्योंकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के नौ अगस्त 2018 के आदेश के अनुसार अपने संविधान में संशोधन नहीं किया है।’ सीओए प्रमुख विनोद राय इस समय अमेरिका में हैं जिनसे संपर्क नहीं हो सका।

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टीएनसीए का प्रतिनिधित्व सचिव एसएस रामास्वामी को करना था जबकि हरियाणा की नुमाइंदगी मृणाल ओझा कर रहे थे। इसके अलावा पूर्व बीसीसीआइ सचिव अजय शिर्के के नियंत्रण वाली एमसीए का प्रतिनिधित्व रियाज बागबान को करना था। सीओए की ओर से तर्क है कि चुनाव उनकी निगरानी में हो रहे हैं इसलिए वे किसी ऐसे संघ को आम सभा में भाग लेने की अनुमति नहीं देंगे जिसने लोढ़ा समिति की सिफारिशों को नहीं माना हो। बीसीसीआइ के पूर्व पदाधिकारी ने कहा, ‘यदि टीएनसीए, हरियाणा और महाराष्ट्र सुप्रीम कोर्ट चले जाते हैं और सीओए के इस फैसले के खिलाफ स्टे ले आते हैं तो क्या होगा? किसी भी मामले में, श्रीनिवासन निर्णय लेने में एक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और उन प्रभावशाली लोगों के संपर्क में हैं जो इन मामलों को अंतिम रूप देंगे।’ हालांकि बीसीसीआइ में अधिकतर लोगों को पता है कि सीओए बोर्ड से एक बार चला गया तो अन्य मुद्दों से आसानी से निपटा जा सकता है।

 

Posted By: Sanjay Savern

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