Vedanta contribution to india gdp: IFC report hindi

0
59


देश की प्रसिद्ध दिग्गज खनन कंपनी वेदांता लिमिटेड अपने परिचालन के जरिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 0.40 फीसदी अर्थात 67,554 करोड़ रुपये का अंशदान करती है. वेदांता के आर्थिक और सामाजिक प्रभाव का अध्ययन कर Institute for Competitiveness (आईएफसी) ने एक रिपोर्ट जारी की है.

वेदांता लिमिटेड, जिसे पहले सेसा स्टरलाइट/सेसा गोवा लिमिटेड के नाम से भी जाना जाता था. यह  भारत में स्थित एक खनन कंपनी है. इसका मुख्य संचालन गोवा, कर्नाटक, राजस्थान और ओडिशा में लौह अयस्क, जस्ता और एल्युमिनियम खदानों में है.

मुख्य बिंदु:

   रोजगार सृजन के तहत वेदांता अपनी समूह की कंपनियों के द्वारा लगभग दस लाख मानव वर्ष रोजगार सृजित कर रही है.

   कंपनी के आपूर्तिकर्ताओं एवं रोजगार सृजन करने की उनकी क्षमता को जोड़ लिया जाए तो अर्थव्यवस्था पर इसके अलावा प्रभाव सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के एक फीसदी बराबर होगा. यह एक फीसदी 1,69,550 करोड़ रुपये के बराबर होगा.

आर्टिकल अच्छा लगा? तो वीडियो भी जरुर देखें!

   आईएफसी ने साल 2018 में इसी तरह रिलायंस जियो के दूरसंचार में प्रवेश से अर्थव्यवस्था पर प्रभाव का अध्ययन किया था.

   भारत में कंपनी के कारोबार के चलते साल 2012 से तांबे का शुद्ध निर्यातक बना हुआ था. लेकिन इसके तुतीकोरीन संयंत्र के बंद होने से यह स्थिति साल 2018-19 में बदल गयी.

   आईएफसी की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक एल्यूमीनियम, जस्ता, तेल-गैस, तांबा और लौह अयस्क क्षेत्र में कारोबार करने वाले वेदांता समूह का योगदान 3,74,000 करोड़ रुपये है.

   भारत में वेदांता के कारोबार से इसमें सीधे काम करने वाले एक व्यक्ति के मुकाबले 17 रोजगार के अवसर पैदा होते हैं.

यह भी पढ़ें:भारत में प्राइवेट ‘क्रिप्टोकरेंसी’ पर लगेगी रोक, मंत्रियों की समिति ने की सिफारिश

यह भी पढ़ें:Hyundai ने लॉन्च की देश की पहली इलेक्ट्रिक SUV कार

For Latest Current Affairs & GK, Click here


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here